" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- आचार्य राज मिश्रा
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- आचार्य राज मिश्रा
Pt Deepak Dubey

||कैसा होगा २०२० का अंत पूरे विश्व के लिए ||

||कैसा होगा २०२० का अंत पूरे विश्व के लिए ||

वर्ष 2020 का अंत यानि दिसंबर का महीना ज्योतिष और ग्रहों की हलचल की दृष्टि से बहुत ही खास रहने वाला है।

इस महीने जहां
  • मंगल,
  • शुक्र,
  • बुध और
  • सूर्य अपनी राशि बदलेंगे, वहीं
  • देव गुरु बृहस्पति व
  • शनि मकर राशि में,
  • राहु वृषभ राशि में और
  • केतु वृश्चिक राशि में गोचर करते हुए सभी 12 राशियों को प्रभावित करते रहेंगे।
चंद्रमा तो हर 2 दिन के बाद अपनी चाल बदलते रहते हैं। इसी महीने 14 दिसंबर  को इस साल का दूसरा व अंतिम सूर्य ग्रहण  भी लगेगा और यह भी एक प्रमुख खगोलीय घटना होगी। यह खंडग्रास सूर्यग्रहण होगा। भारत में इसका समय शाम 7.19 बजे  है, इसलिए यह भी भारत में नहीं देखा जा सकेगा। इसे प्रशांत महासागर के क्षेत्रों में देखा जा सकेगा।
दिसम्बर महीने में 4 ग्रहों की बड़े लेवल पर होने वाली हलचल से बड़े दूरगामी असर होंगे और सभी 12 राशियों के साथ-साथ देश और दुनिया पर भी इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बदलाव देखने को मिलेंगे, जो बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होंगे। दिसम्बर महीने में ग्रहों की हलचल की शुरुआत 11 दिसम्बर से होगी और 24 दिसम्बर तक चलेगी। बारी-बारी चार ग्रह अपनी राशियां बदलेंगे और सभी राशियों को प्रभावित करेंगे।
ज्योतिष में ऐश्वर्या, सौंदर्य, ग्लैमर, प्रेम, विलासिता और सुख समृद्धि का प्रतीक माने जाने वाले शुक्र ग्रह 11 दिसंबर को 5:16 पर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र को नैसर्गिक भोग विलास व दाम्पत्य का कारक भी माना जाता है। अंग्रेजी में इसे वीनस कहा गया है। यानी सौंदर्य की देवी। तुला राशि में शुक्र मजबूत स्थिति में होते हैं और जीवन में सुख-सुविधाओं की बरसात करते हैं। फ़िल्म इंडस्ट्री, फ़ैशन, गीत-संगीत, ललित-कलाओं में भी शुक्र का प्रतिनिधित्व होता है।

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