" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- आचार्य राज मिश्रा
" ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है , और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है "
- आचार्य राज मिश्रा
Pt Deepak Dubey

|| वृश्चिक लग्न ||

|| वृश्चिक लग्न ||

वृश्चिक लग्नका स्वामी मंगल है।
इस लग्न में उतपन जातक सूंदर मुख वाला ,परिश्रमी , अपने सामर्थ्य पर ही भरोसा करने वाला ,धार्मीक प्रवृति होगी।
मंगल शुभ होतो उत्साही , उदार , परिश्रमी , साहसी ईमानदार ,सप्स्टवादी , परोपकारी ,व्यवहार – कुशल ,कृतव्यनिष्ठ ,दृंढ संकल्प शक्तिवाला होगा। भाई – बहनो अथवा सम्ब्न्धिओं की सहायता काम मिलती है , निजी पुरुसथर द्वारा ही निवार्ह योग्य आय के संसाधन जुटा पाते है। तनिक वृद्ध बात होजाने पर शिग्रह उत्तेजित होजाएंगे , परन्तु सचाई अथवा सुपात्रता की दृष्टि से सुयोग्य जन की सहायता करने में अपने स्वारथ के की भी बलि देने से पीछे नहीं हटेंगे। जातक जिस कार्य को करने का निस्चय करलेता है , उसे दृन्द्तापूर्वक पालन करने का प्रयास करता है।
कैमिस्ट ,इंजीनियर ,पुलिस ,सेना -विभाग ,अध्यापन ,ज्योतिष, अनुसंधानकर्ता के क्षेत्र में विषेस सफलता प्राप्त करेंगे। शुभ नग मूंगा ह। शुभ रंग लाल ,संतरी,हल्का गुलाबी है। अपनी आयु के २४ , २६, ३२ ,३६ , ४४ वे वर्ष विषेस भग्योन्नति कारक होंगे।

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